जिले के 171 अटल सेवा केंद्रों के नाम बदलकर लिखा राजीव गांधी सेवा केंद्र, इस पर होगा 5 लाख का खर्च

जिले के 171 अटल सेवा केंद्रों के नाम बदलकर लिखा राजीव गांधी सेवा केंद्र, इस पर होगा 5 लाख का खर्च

फिर बदले नाम : जिले में 165 ग्राम पंचायत और 5 पंचायत समिति सहित जिला परिषद में बने हैं ये सेवा केंद्र 

भाजपा के शासन में अटल सेवा केंद्र के नाम से पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों में बने सेवा केंद्र एक बार फिर से राजीव गांधी सेवा केंद्र के नाम से जाने जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से सभी सीईओ को निर्देश देकर जल्द सभी अटल सेवा केंद्रों के नाम बदलने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में 165 ग्राम पंचायतें, 5 पंचायत समिति और एक जिला परिषद पर ये भवन बने हुए हैं। बदलाव करने पर एक अनुमान के अनुसार हर जिले में करीब पांच लाख रुपए खर्च होंगे।

जिला परिषद सीईओ डाॅ. वीसी गर्ग ने बताया कि राज्य सरकार से मिले आदेश के बाद अटल सेवा केंद्र का नाम बदलने का काम शुरू कर दिया गया है। सभी पंचायत समिति की ग्राम पंचायतों में बनने वाले अटल सेवा केंद्रों का नाम राजीव गांधी सेवा केंद्र किया जा रहा है। गौरतलब है कि वर्ष 2008 में कांग्रेस की सरकार आने के बाद प्रत्येक पंचायत में 20 से 25 लाख रुपए के बजट से आम लोगों की सुविधा के लिए सेवा केंद्रों का निर्माण कराया था। इसका नाम तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केंद्र रखा था, लेकिन 2013 में सरकार बदलने के बाद भाजपा सरकार ने 23 दिसंबर 2014 को आदेश जारी कर सभी राजीव गांधी सेवा केंद्रों का नाम बदलकर अटल सेवा केंद्र कर दिया था। इसके बाद लगातार इसी नाम से यह सेवा केंद्र चलते रहे।

हाईकोर्ट में चुनौती देने पर भाजपा सरकार का आदेश निरस्त : हाईकोर्ट में वर्ष 2015 में किसी ने याचिका दाखिल कर नाम बदलने वाले आदेश को चुनौती दी थी। इसी याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने भाजपा सरकार द्वारा जारी किए गए 23 दिसंबर के आदेश को निरस्त कर दिया। एक बार फिर इस मामले को लेकर राज्य सरकार ने दुबारा आदेश जारी कर दिए हैं। इसमें बताया गया है कि पुराना आदेश कोर्ट के निरस्त करने के बाद अब इन सेवा केंद्रों का नाम पहले की तरह ही भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केंद्र रहेगा।